What is TOR Browser?और इसे Download, Install, Use कैसे करे.

Spread the love

What is TOR Browser?यह काम कैसे करता है. और कैसे Download, Install और Use कैसे करे .

तो दोस्तों आप सभी को आपके website www.techreviewpad.com में स्वागत है. इस वेबसाइट में अपलोगो को technology से सबंधित जानकारी बोहोत ही सरल शब्दों में दी जाती है. पिछले Article में Wab Browser क्या है और Best Wab Browser के बारे में बताया गया था. और इस article में हमलोग TOR Browser क्या है?Download और install  कैसे करे और इसे Use कैसे करे. के बारे में बोहोत ही सरल शब्दों में जानेंगे.
अगर हम TOR browser की बात करे तो बोहोत से लोगो का यह मानना है की इसका उपयोग खली Illegal कामो को करने जैसे Attacking, Cyber Crime etc. के लिए उपयोग किया जाता है. पर असल में ऐसा नहीं होता है. इसका उपयोग कोई भी कर सकता है. और इसका Use कोई भी अपनी privacy के लिए कर सकता है. यह एक ऐसा browser है जिसकी मदद से आप internet से छुप के internet का उसे कर सकते है.

What is TOR Browser? TOR Browser क्या है?

जैसे की हमलोग हर एक Web browser का उपयोग internet पे उपलब्ध resources को find करने के लिए किआ जाता है. ठीक वैसे ही TOR browser का उपयोग भी Internet पे उपलब्ध  resources को find करने के लिए होता है लेकिन TOR browser और Simple web browser में difference येही है की Simple web browser की मदद से हमलोग सिर्फ Surface web को ही access कर पाते है. जैसे की Google.com etc.और TOR browser की मदद से हमलोग Surface web तो access करते ही है साथ ही में हमलोग Dark web और Deep web को भी access कर पाते है.
TOR browser का full form है The Onion Router browser है और यह Onion Routing के Principle पे काम करता है.जिसकी वजह से यह browser हमारी personal डाटा को anonymous रखने में मदद करता है. हर एक Device जिस से की हमलोग internet access करते है हर एक device की internet पर एक ID होती है जिसे की  IP (internet Protocol) address बोला जाता है. जब भी हमलोग कोई normal browser जैसे क्रोम का उपयोग  internet browse करने के लिए करते है. तो हमारी IP ISP(internet service provider) के द्वारा दे दी जाती है जिससे यह पता लग जाता है की कौन से device और कहा से internet surf की जा रही है.but जब हम यही इन्टनेट surfing TOR browser की मदद से करते है तो हमारी IP छुपी होती इसमें बस येही पता लगता है TOR के Network से कोई connection आ रही है पर आपकी IP छुपी होती है की जिस से की हमलोग anonymously अपने कम को कर सकते है.
TOR browser की एक और खासियत है की यह browser कोई भी Browsing history , Cookies store नहीं करती है और यह एक use तक ही valid रहती है.
TOR एक Mozilla का ही modified version है. और यह एक VPN की तरह ही कम करता है और बल्कि यह VPN से ज्यादा advanced है.

Onion Routing क्या है? What is onion routing?

Onion Routing एक तकनीक है जिसकी मदद से ही TOR(The Onion Router) browser काम करता है.यह एक ऐसी तकनीक है जिसकी मदद से गोपनीय तरीके से internet serf किआ जाता है. इस Onion routing तकनीक की मदद से जब भी हम internet serf करते है तो जो भी data के Packets निकलते है उनका encryption या protection बहोत सारी लेयर में होता है. जैसे की प्याज को कटते है तो उसमे भी बोहोत सारी परते होती है. ठीक इसमें भी data को encrypt करने के लिए बोहोत सारी लेयर का उपयोग किआ जाता है. इस वजह से ही इस तकनीक को Onion Routing कहा जाता है.
Encrypted layered Data को Nodes के  Series के माध्यम से भेजा जाता है. जब Encrypted layered Data अपने पहले मंजिल या server पर पहुचता है तो encrypted layered data में से एक layer नक़ल जाता है. इस ही तरह data में बोहोत सारे layers होते है और उस लेयर को निकलने के लिए उसे बोहोत सारे Servers से होकर गुजरना पढता है. और जब यह data packet अपना last layer निकलता है तब यह अपने Destination पर पहुच जाता है. और इस माध्यम Operator anonymous रहता है क्यों की इसमें पहले मंजिल के server के बारे में पता ही नहीं रहता है और उसमे जो आखरी server रहता है उसे ही उस data का origine मान लेती है. ये सारे servers TOR नेटवर्क में होता है. इस करण से TOR browser में high level protection उपलब्ध होता है.

 Tor Browser काम कैसे करता है?

तो दोस्तों मेरे को लगता है की अपलोगो को TOR browser क्या है और Onion Routing के बारे में समझ आ गया है. तो हमलोग आगे बड़ते है और यह समझते है की TOR browser कम कैसे करता है.
TOR browser onion routing के माध्यम से काम करता है.
अगर हमलोग कोई एक सिंपल browser जैसे Chorme की बाते करे तो इसमें जब भी कोई वेबसाइट URL search करते है तो यह हमरे original  IP address से सीधे उस वेबसाइट URL के Server को request करती है तभी site open होती है. मगर इस माध्यम से आपका IP address उस वेबसाइट owner के पास चला जाता है और उस IP की मदद से ही कोई भी आपको track कर सकता है.

एक simple उदाहरण के माध्यम से समझते है की TOR कम कैसे करता है.

अगर हमलोग TOR browser के address बार पे कोई वेबसाइट URL जैसे www.techreviewpad.com search करते है तो आपके कंप्यूटर के IP address से जो भी data के packets निकलेगा वो बोहोत सारे layers में encrypted होगा. और जैसे ही वो data के packets TOR network के अंदर जाता है तो (TOR network में हजारो लाखो में servers मौजूद होते है.) वो एक server से दुसरे server तक बाउंस होगा इसी तरह वो data तब तक bounce होगा जब तक सारी layer decrypt (निकल) न हो जाये और जिस server पे last layer decrypt होती है उस server के IP address के द्वारा ही www.techreviewpad.com के server को request करती है. जिससे वो site open होता है. मगर इस माध्यम से आपका original IP address उस वेबसाइट owner को पता नहीं चलता है बल्कि उसे जिस server पे last layer decrypt होती है उस server का ही IP address वेबसाइट owner के database में होता है. इस कारण से अगर कोई उस IP address कोई track करने की कोशिस करता है तो उसको  आपका real Information पता नहीं चल पायेगा.

TOR Browser को कहा से Download करे?

TOR Browser एक free Open Source सॉफ्टवेयर है. जिसको डाउनलोड करने के लिए आप google पे TOR Download search करे और फिर 1st Option Download-Tor Project पे click करे.
Tor Download
screenshot
या फिर आप Direct TOR के original website www.torproject.org पे जा सकते है.
 इसके बाद आपको चार Operating System  1)Windows, 2)Mac OS X, 3) Linux, 4)Android इन के लिए अलग-अलग Download Option मिल जाएँगे आपको जिस भी OS के लिए चाहिए आप उस OS के लिए आराम से Download कर सकते है.
Tor Download
screenshot

Tor browser को Install कैसे करे?

Note:- Android के लिए आप Tor Browser- The Tor Project apk को direct play store से download कर सकते है.
 
Note:- इस में example के तोर पे windows के लिए बताने वाला हु. आपके पास अगर कोई अलग OS है तो आप तो आपको उसी OS के लिए download करना होगा.
1) अपने जिस Application फाइल को download किया है उसपे click करे तो आपके स्क्रीन पे एक Pop up Window खुलेगा.
2) उसपे आपको language select करने को बोलेगा तो आप उसपे अपना language select करे.
How to install TOR Browser
Ok pe Click kare
3) उसके बाद Install करने के लिए एक pop up window खुलेगा जिसपे आप Install पर click करे.
Tor Install Process
 4)जब install हो जाएगा तो एक और pop up window आएगा उसपे आप Finish पे click करे.इसे बाद आपका Tor browser install हो चूका होगा.
5)Install होने के बाद अब आपके Desktop पे एक TOR Browser के नाम से एक Folder और Start TOR Browser के नाम से एक application आएगा.
after install TOR browser
6) Note:- Tor browser के नाम से जो फोल्डर होगा उसे डिलीट नहीं करना है वरना आपका पूरा Tor browser uninstall हो जाएगा और आपको फिर से Install करना होगा.
7) Install हो जाने के बाद आपको Start Tor browser पे double click करना होगा  तो आपका tor browser open हो जाएगा.
8) open होने के बाद आपको दो option आएगा  Connect और Configure.
After Open TOR Browser
9) अगर आप Connect पे click करते हो तो आप सीधा Tor network से connect होने लग जाओगे और जब आपका tor network से connection पूरी तरह complete हो जाएगा तो फिर आप tor browser का use करके easily पूरी privacy के साथ internet browse कर सकोगे.
10) और अगर आप Configure पे click करते हो तो आपको दो Option आएँगे                                                        i)Tor is censored in my Country ii) I use a proxy to connect to the Internet
11) अगर आप जानते है की आपका connection censored है या फिर tor में connect होने से पहले proxy का उसे करना चाहे तो कर सकते है.
12) में आप सभी को configure पे जा के connect करना recommend नहीं करता हु.आप Only connect पे ही click करे.
      तो दोस्तों मेरे ख्याल से आप सभी को समझ आ चूका है की tor browser को download , install और उसे Use कैसे करे.
इस article पे मेने जो भी आपको Tor browser के बारे में बताया हु वो खली Information Purpose के लिए ही था.
अगर आप इस article को पढ़ के कोई गलत कदम लेते हो तो उसके लिए www.techreviewpad.com जिम्मेवार नहीं है उसके लिए आप खुद ही जिम्मेवार होंगे.

History of TOR Browser? TOR Browser का इतिहाश.

  1. अगर हम 1990 की बाते करे तो उस समय Internet पे सुरक्षा एक बड़ा मसला चल रहा था. और उस समय कोई भी आपको बड़ी ही आसानी से आपको track कर सकता था.
  2. 1995 में U.S. के Naval Research Lab (NRL) के David Goldschlag, Mike Reed, और Paul Syverson ने मिलकर Onion routing पर एक प्रोटोटाइप बनाने का सोचा.उस समय onion routing का मतलब एक secure browsing करना था. जैसे की आज के Tor browser में होता है.
  3. सन 2000 में Roger Dingledine और Paul Syverson ने मिलकर onion routing पे कम करना शुरू कर दिया. और उन्होंने इस प्रोजेक्ट का नाम Project TOR रखा. Nick Mathewson जो Roger Dingledine के class mate थे वो भी  Project TOR का हिस्सा बन गए.
  4. सन 2002 में tor network को Develop कर दिया गया.
  5. इसके बाद Electronic Frontier Foundation (EFF) ne TOR का development और funding शुरू किआ और उन्होंने 2004 में Roger Dingledin और Nick Mathewson के काम को देखते हुए उनकी फंडिंग चालू की.
  6. 2006 में TOR Project एक Non Profit organization बन गया.
  7. इसके बाद से यह Developed होता चला गया.

Conclusion :-

तो दोस्तों में आशा करता हु की आपको मेरे द्वारा लिखा गया यह article आपको पसंद आया होगा. अगर आपको कोई सवाल या शुझाव हो या फिर या अपलोगो को कोई और Topic पे article चाहिए तो please comment section पे comment कीजिए या फिर हमारे official mail ID पे mail कर सकते है. और दोस्तों इस article को Share करना न भूले ताकि सबके पास यह Information पहुचे. Thank You!!!!!!!!

Spread the love

Leave a Comment